गुरुवार, 29 सितंबर 2016

पागा कलगी-18//3//आचार्य तोषण

"दाई के कहिनी बेटा बर"
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चिमनी ममता के बुताबे झन
दाई के अछरा भुलाबे झन
जोहत हे रसदा अगोरा मा
परदेसी बन बेटा गंवाबे झन
२२२ २२२ १२२ २
भाये बड़ मोला तोर बाला पन
देखत बदरा छावय निराला पन
अघुवन पछुवन किंजरै टुरा सेना
देखाबे तै झन कभु ग हाला पन
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-आचार्य तोषण

पागा कलगी-18//2//जगदीश "हीरा" साहू

बहर- 212221122111221122
तोर आँखी के कजरा मा, अटक गेहे मन मोरे ।
तोर झुल-झुल के रेंगना मा, भटक गेहे मन मोरे।।
मोला कतका तै अउ तरसाबे, अब इहाँ वो सुन रानी,
तोर हाँ के देखत रसता, झटक गेहे मन मोरे ।।
(रेंगना- रें मा अउ मोला -ला मा भार गिराये गेहे )
बहर- 21212221212
तोर मीठ बोली, मोर जान हे।
तोर ये ठिठोली, मोर जान हे।।
तोर छोड़ के जाते बिरान हे,
आज एक होंली, मोर जान हे।।
जगदीश "हीरा" साहू (२७९१६)

शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

पागा कलगी-18//1//चोवा राम ‘बादल‘

बहर---2122 2122 2122 2122
राम जप ले ,राम जप ले, राम जप ले ,राम जप ले
आहि जम हा, बाँध तोला,ले जही गा,मार झप ले 
ओनटा में, कोनटा में , कोन कोती ,तैं लुकाबे 
काल के हे, दांत धरहा , चाब देही , देख चप ले ।

चोवा राम ‘बादल‘

सोमवार, 19 सितंबर 2016

//पागा कलगी-17 के परिणाम//



//पागा कलगी-17 के परिणाम//
अवधि- 1 सितम्बर 16 से 16 सितम्बर तक
विषय. जय जय श्री गणेशा
विधा-मुक्तक
संचालक- श्री चैतन्य जितेन्द्र तिवारी (पागा कलगी.7 के विजेता)
निर्णायक-परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशल, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
ये आयोजन पहिली बार विधा आधारित रहिस, विधा म होय के बाद घला कुल 17 रचनाकार संगीमन के रचना प्राप्त होइस, ये हमर कवि भाई मन के विधा के प्रति सीखे के भाव ला बतावत हे । सबो संगी मन के हृदय ले आभार ।
ये अंक के निर्णायक परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशलजी, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
हा जम्मो रचना के तारिफ करत ये आयोजन के प्रशंसा करत सबो रचनाकार ला बधाई कहे हे अउ अवइया अंक बर सबो रचनाकार ला शुभकामना पठोय हे ।
छत्तीसगढ़ मंच डहर ले आदरणीय कौशलजी के बहुत बहुत आभार ।
पागा कलगी 17 के पागा निर्णायक के अनुसार ये प्रकार पहिराये जात हे -
पहिली विजेता-श्रीमती आशा देशमुख
एनटीपीसी जमनीपाली कोरबा
दूसर विजेता-देवन ध्रुव
तीसर विजेता-सुनिल शर्मा ‘नील’
थानखम्हरिया, बेमेतरा, छ.ग.
सबो विजेता संगीमन ला अंतस ले बधाई

//पागा कलगी-17 के परिणाम//



//पागा कलगी-17 के परिणाम//
अवधि- 1 सितम्बर 16 से 16 सितम्बर तक
विषय. जय जय श्री गणेशा
विधा-मुक्तक
संचालक- श्री चैतन्य जितेन्द्र तिवारी (पागा कलगी.7 के विजेता)
निर्णायक-परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशल, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
ये आयोजन पहिली बार विधा आधारित रहिस, विधा म होय के बाद घला कुल 17 रचनाकार संगीमन के रचना प्राप्त होइस, ये हमर कवि भाई मन के विधा के प्रति सीखे के भाव ला बतावत हे । सबो संगी मन के हृदय ले आभार ।
ये अंक के निर्णायक परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशलजी, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
हा जम्मो रचना के तारिफ करत ये आयोजन के प्रशंसा करत सबो रचनाकार ला बधाई कहे हे अउ अवइया अंक बर सबो रचनाकार ला शुभकामना पठोय हे ।
छत्तीसगढ़ मंच डहर ले आदरणीय कौशलजी के बहुत बहुत आभार ।
पागा कलगी 17 के पागा निर्णायक के अनुसार ये प्रकार पहिराये जात हे -
पहिली विजेता-श्रीमती आशा देशमुख
एनटीपीसी जमनीपाली कोरबा
दूसर विजेता-देवन ध्रुव
तीसर विजेता-सुनिल शर्मा ‘नील’
थानखम्हरिया, बेमेतरा, छ.ग.
सबो विजेता संगीमन ला अंतस ले बधाई

शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

पागा कलगी-17 //17// मिलन मलरिहा

कष्ट ला हरदे मोर लम्बोदर
करत.हँव पूजा तोर लम्बोदर
विघन बाधा ला मेट दे गणपति
खड़े.हँव हाथ जोर लम्बोदर ।

मिलन मलरिहा
मल्हार बिलासपुर

गुरुवार, 15 सितंबर 2016

पागा कलगी-17 //16//ईश्वर लाल साहू

1. आके हमरो लाज बचादे जय जय श्री गणेशा ।
बिगडे जम्मो काज बनादे जय जय श्री गणेशा ।
डोंगा हा मझदार बुड़त हे जिनगी के समुंदर
आके बेडा पार लगादे जय जय श्री गणेशा ।

2. सुख ला भरदे हमरो जिनगी मा जय जय श्री गणेशा ।
पबरित करदे हम सबके मन ला जय जय श्री गणेशा ।
तोरे भगती कर पावन, अतका शक्ति दे दे
तोरे किरपा अमरित जइसे गा जय जय श्री गणेशा ।

ईश्वर लाल साहू
ठेलका, थानखम्हरिया