अवधि- 1 सितम्बर 16 से 16 सितम्बर तक
विषय. जय जय श्री गणेशा
विधा-मुक्तक संचालक- श्री चैतन्य जितेन्द्र तिवारी (पागा कलगी.7 के विजेता) निर्णायक-परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशल, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
ये आयोजन पहिली बार विधा आधारित रहिस, विधा म होय के बाद घला कुल 17 रचनाकार संगीमन के रचना प्राप्त होइस, ये हमर कवि भाई मन के विधा के प्रति सीखे के भाव ला बतावत हे । सबो संगी मन के हृदय ले आभार ।
ये अंक के निर्णायक परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशलजी, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
हा जम्मो रचना के तारिफ करत ये आयोजन के प्रशंसा करत सबो रचनाकार ला बधाई कहे हे अउ अवइया अंक बर सबो रचनाकार ला शुभकामना पठोय हे ।
छत्तीसगढ़ मंच डहर ले आदरणीय कौशलजी के बहुत बहुत आभार ।
पागा कलगी 17 के पागा निर्णायक के अनुसार ये प्रकार पहिराये जात हे -
पहिली विजेता-श्रीमती आशा देशमुख
एनटीपीसी जमनीपाली कोरबा
दूसर विजेता-देवन ध्रुव
तीसर विजेता-सुनिल शर्मा ‘नील’
थानखम्हरिया, बेमेतरा, छ.ग.
अवधि- 1 सितम्बर 16 से 16 सितम्बर तक
विषय. जय जय श्री गणेशा
विधा-मुक्तक संचालक- श्री चैतन्य जितेन्द्र तिवारी (पागा कलगी.7 के विजेता) निर्णायक-परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशल, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
ये आयोजन पहिली बार विधा आधारित रहिस, विधा म होय के बाद घला कुल 17 रचनाकार संगीमन के रचना प्राप्त होइस, ये हमर कवि भाई मन के विधा के प्रति सीखे के भाव ला बतावत हे । सबो संगी मन के हृदय ले आभार ।
ये अंक के निर्णायक परम आदरणीय, श्री मुकुन्द कौशलजी, वरिष्ठ साहित्यकार, गजलकार, गीतकार, दुर्ग
हा जम्मो रचना के तारिफ करत ये आयोजन के प्रशंसा करत सबो रचनाकार ला बधाई कहे हे अउ अवइया अंक बर सबो रचनाकार ला शुभकामना पठोय हे ।
छत्तीसगढ़ मंच डहर ले आदरणीय कौशलजी के बहुत बहुत आभार ।
पागा कलगी 17 के पागा निर्णायक के अनुसार ये प्रकार पहिराये जात हे -
पहिली विजेता-श्रीमती आशा देशमुख
एनटीपीसी जमनीपाली कोरबा
दूसर विजेता-देवन ध्रुव
तीसर विजेता-सुनिल शर्मा ‘नील’
थानखम्हरिया, बेमेतरा, छ.ग.
1. आके हमरो लाज बचादे जय जय श्री गणेशा । बिगडे जम्मो काज बनादे जय जय श्री गणेशा । डोंगा हा मझदार बुड़त हे जिनगी के समुंदर आके बेडा पार लगादे जय जय श्री गणेशा ।
2. सुख ला भरदे हमरो जिनगी मा जय जय श्री गणेशा । पबरित करदे हम सबके मन ला जय जय श्री गणेशा । तोरे भगती कर पावन, अतका शक्ति दे दे तोरे किरपा अमरित जइसे गा जय जय श्री गणेशा । ईश्वर लाल साहू ठेलका, थानखम्हरिया
1)मुक्तक-----""कर बैरी के नाश"""" ********************************************* अमन चैन के देश ह लहू मा बूड़गे आज चिथत हे ग दाई ल बन बेटामन ह बाज करव पाप के नाश सत के होवय ग अंजोर हवय प्राथना बस इहि सुनलव हे गणराज ***†**************************************** 2) मुक्तक----"गिरिजानंदन" ******************************** सबले बड़का "दाई-ददा" हे जग ला जेन सिखाए हे दाई-ददा के सेवा ल कर "पहली पूजन" पाए हे पूजाच भर सुक्खा झन करन गुन ओखर अंतस मा धरलन संकट हरेबर, मंगल करेबर "गिरिजानंदन"आए हे| ********************************* सुनिल शर्मा"नील" थानखम्हरिया,बेमेतरा(छ.ग.) 7828927284 copyright 14/09/2016 7828927284