मंगलवार, 13 सितंबर 2016

पागा कलगी-17 //9//लक्ष्मी नारायण लहरे

हे गणेशा मोर अँगना म जबले आये, जनम मोरे सफल होगे ।
हे गणेशा मोर सपना म जबले आये, दरद मोरे सरल होगे ।
हे प्रभुजी मोर अरजी ल सुनके, तैहा सफल करदे मोर पूरा
हे गणेशा मोर भुवना म जबले आये, बिपति मोरे तरल होगे।
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दुखिया के तै दुख हरैया जय हो तोर गणराज।
सबके बिगड़ी के बनैया जय हो तोर गणराज।
भुवना मा बाजे नगाड़ा कस के होय जयकार।
पापी के नासे करैया जय हो तोर गणराज।

० लक्ष्मी नारायण लहरे,साहिल कोसीर सारंगढ़

पागा कलगी-17//8//लोकेन्द्र "आलोक"

गणपति तोर महिमा हवय बड़ भारी 
जय जय जय गणेशा कहत नर नारी 
लाडु भोग तोला सुहाथे भगवन
मुसवा के सवारी हवय गा भारी

बुद्धि सुद्धि सिरजईया तही गजानन
रिद्धि सिद्धि देवईया तही गजानन
हांथ जोर प्रार्थना “आलोक“ करत हे
काम-धाम अब बना दे तही गजानन
कवि - लोकेन्द्र "आलोक"
ग्राम - अरमरीकला
तहसील - गुरुर
जिला - बालोद

पागा कलगी-17 //7//राजेश कुमार निषाद

पहिली पूजा के तै अधिकारी गणेशा
तोला भाथे लाड़ू हा भारी गणेशा
करथस सबके आशा ला पूरा गजानन
तोला कहिथे सब मंगलकारी गणेशा।।

मोरो पीरा ल तै हरबे गजानन
मोरो रक्षा ल तै करबे गजानन
सबले पहिली ग तोला गोहराथन
दुनिया मा सुख ल तै भरबे गजानन
रचनाकार - राजेश कुमार निषाद 
ग्राम चपरीद
(समोदा )

पागा कलगी-17 //6//ज्ञानु मानिकपुरी "दास"

मुक्तक
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जय हो जय हो गजानन पहली मनावव तोला।
लड्डू मेवा मिठाई भोगे चढ़ावव तोला।
आखर के देवता तय मेटव नदानी मोरो
किरपा के तोर आसा माथा नवावव तोला।
मुक्तक
~~~
लूला के पार लगईया देवा।
रोगी के रोग मिटईया देवा।
बन जाथस तय अनधरा के आखी
सबके तय लाज बचईया देवा।
ज्ञानु मानिकपुरी "दास"
चंदेनी कवर्धा
9993240143

पागा कलगी-17//5//आशा देशमुख

जय जय श्री गणेशा
1 ....पहिली पूजा के अधिकारी ,मोर गजानन लाला ,
सेवा मा दुनियां बइठे हे ,तोर गजानन लाला |
सब गण चलथे आघू पाछू , तै मुसवा मा बइठे ,
चारो कोती गूँजत हावय ,शोर गजानन लाला |
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2.....जगत के डोंगा ,खेवइया गजानन ,
करम के दुख ला ,मेटइया गजानन |
मया के छल मा गा मनखे बँधाए ,
सकल जीनिस के, देवइया गजानन |
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आशा देशमुख
एनटीपीसी जमनीपाली कोरबा
12 .9.2016 सोमवार

रविवार, 11 सितंबर 2016

पागा कलगी-17//4//सुखदेव सिंह अहिलेश्वर

बहर--222 222 122 122
काफिया-- अव।
रदीफ-- गा।
मुक्तक(01)
भैया मन जय जय श्री गणेशा भजव गा।
जुरमिल के गणनायक गजानन कहव गा।।
दाई गौरी के लाल गणपति दुलारा,
नावे ला ओकर रोज सुत उठ भजव गा।
मुक्तक(02)
हे लम्बोदर महराज अरजी करव गा।
मनखे मन मा सद्भाव मनभर भरव गा।।
भाई-चारा के संग सबझन कमावय,
उंकर जांगर ला पोठ समरथ करव गा।
रचना:- सुखदेव सिंह अहिलेश्वर
गोरखपुर,कवर्धा
9685216602

सोमवार, 5 सितंबर 2016

//पागा कलगी 16 के परिणाम //



अवधि-16 अगस्त16 से 31 अगस्त तक
विषय- दे गे चित्र के अनुसार
संचालक- श्री आचार्य तोषण चुरेन्द (पागा कलगी-7 के विजेता)
निर्णायक-श्री दीनदयाल साहू, सहायक संपादक चौपाल, हरिभूमि

ये आयोजन कुल 23 रचनाकार संगीमन के रचना प्राप्त होइस, सबो संगी मन हृदय ले आभार ।
ये अंक के निर्णायक श्री दीनदयाल साहू, सहायक संपादक चौपाल हरिभूमि हा जम्मो रचना के तारिफ करत ये आयोजन के प्रशंसा करत सबो रचनाकार ला बधाई कहे हे अउ अवइया अंक बर सबो रचनाकार ला शुभकामना पठोय हे ।
छत्तीसगढ़ मंच डहर ले आदरणीय साहूजी के बहुत बहुत आभार ।
पागा कलगी 16 के पागा निर्णायक के अनुसार ये प्रकार पहिराये जात हे -

पहिली विजेता-जीतेन्द्र वर्मा ‘खैरझिटिया‘
बालको;कोरबा
9981441795
दूसर विजेता-राजेश कुमार निषाद
ग्राम चपरीद ; समोदा द्ध
9713872983

तीसर विजेता-निशा रानी
जाँजगीर
छत्तीसगढ़

प्रशंसा के योग्य-
सुखदेव सिंह अहिलेश्वर
गोरखपुर,कवर्धा
अउ
टीकाराम देशमुख ‘करिया‘
स्टेशन चउक कुम्हारी, जिला .दुरुग ;छण्गण्द्ध
मोबा.९४०६३ २४०९६

छत्तीसगढ़ मंच डहर जम्मो विजेता संगी मन ला अंतस ले बधाई , इंखर संगे संग बाकी सबो रचनाकार मन के ये आयोजन मा भाग ले बर आभार अउ विश्वास के अवइया अंक मा अइसने बढ़-चढ़ के हिस्सा लेहव ।
धन्यवाद